Qaafiya Bazm-e-Adab

मोहब्बत से मोहब्बत की मोहब्बत में समझाओ
मोहब्बत को समझना है मोहब्बत करके आ जाओ

مختصر تھا سفر، اور طویل ایک کہانی تھی
اُس کی باتیں تھیں، یادوں کی بھی سرگردانی تھی۔

तू जहाँ है वहाँ बहारें हैं
और ख़ुशियों का आना जाना है

एक हँसी मार दी गई
एक फूल पैरों तले रौंदा गया

मुझे पता है ​आंखें रो-रो कर थक गई हैं
​फूलों से हाथ खुदा से सवाल करते हैं

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