Qaafiya Bazm-e-Adab

Mil Jaayegi Duniya Mein Hi Jannat Use Kehna

Saif Dehlvi

मिल जाएगी दुनिया में ही जन्नत उसे कहना
करता रहे माँ बाप की ख़िदमत उसे कहना

इतनी सी करे हम पे इनायत उसे कहना
लाए न मोहब्बत में सियासत उसे कहना

वो साथ रहे पर हमें आदत न बनाए
होती है बुरी चीज़ ये आदत उसे कहना

जो फ़ैसला करना है वो हम घर में करेंगे
जाए न मिरा भाई अदालत उसे कहना

दुश्वार है मिलना तो कोई बात नहीं है
लेकिन वो हमें लिखता रहे ख़त उसे कहना

कुछ रोज़ का मेहमान है दीवाना तुम्हारा
अब ठीक नहीं रहती तबीअत उसे कहना

ले जाएगा हमराह में आमाल वो अपने
रह जाएगी दुनिया में ही दौलत उसे कहना

कहना कि उसे आज भी हम याद करे हैं
है अब भी हमें उससे मोहब्बत उसे कहना

बस प्यार से इक बार मिरा नाम पुकारे
जब भी हो उसे मेरी ज़रूरत उसे कहना

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