बात करता नहीं कभी कोईये भी क्या दोस्ती हुई कोई
एक बेटी अता की रब ने मुझेइससे बढ़कर नहीं खुशी कोई
चाँद खिड़की पे तकता रहता हैघर में उतरी है चाँदनी कोई
तोड़ने वाला हो अगर मालीकैसे खिल पाएगी कली कोई
नूर वाले से हमको निश्बत हैक्या मिटाएगी तीरगी कोई