Qaafiya Bazm-e-Adab

Baat Karta Nahin Kabhi Koi

Haider Ali Haider

बात करता नहीं कभी कोई
ये भी क्या दोस्ती हुई कोई

एक बेटी अता की रब ने मुझे
इससे बढ़कर नहीं खुशी कोई

चाँद खिड़की पे तकता रहता है
घर में उतरी है चाँदनी कोई

तोड़ने वाला हो अगर माली
कैसे खिल पाएगी कली कोई

नूर वाले से हमको निश्बत है
क्या मिटाएगी तीरगी कोई

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