Qaafiya Bazm-e-Adab

Teri Aankhon Ke Andar Utar Jaunga

Nafis Alam Shaikh

तेरी आँखों के अंदर उतर जाऊँगा
तेरे सपनों को पूरा मै कर जाऊँगा

जब बुलाते है मतलब से मुझको सभी
काम आऊँ न आऊँ मगर जाऊँगा

जलती इस धुप में हो अब सहारा कोई
साया ए ज़ुल्फ़ हो बस ठहर जाऊँगा

मुझको मालूम है सब ठिकाना मेरा
शाम को मैं परिंदो सा घर जाऊँगा

हर खता तुझको मालूम है जब खुदा
बख़्श दे मुझको वरना किधर जाऊँगा

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