तेरी आँखों के अंदर उतर जाऊँगा
तेरे सपनों को पूरा मै कर जाऊँगा
जब बुलाते है मतलब से मुझको सभी
काम आऊँ न आऊँ मगर जाऊँगा
जलती इस धुप में हो अब सहारा कोई
साया ए ज़ुल्फ़ हो बस ठहर जाऊँगा
मुझको मालूम है सब ठिकाना मेरा
शाम को मैं परिंदो सा घर जाऊँगा
हर खता तुझको मालूम है जब खुदा
बख़्श दे मुझको वरना किधर जाऊँगा