चेहरा मेरा खिल जाएजब खोया कुछ मिल जाए
तब लगता है भारत हैसंग अहमद बिस्मिल जाए
हक़ वाले तुम मत जानाजिस रस्ते बातिल जाए
मत बहना तुम उनके संगजो तन्हा साहिल जाए
जिंदानों में है मासूमऔर बाहर क़ातिल जाए
निस्बत जिनकी इक़रा होक्यूँकर वह जाहिल जाए