रोज़ नए कर्तब दिखलाए जादूगर
दुनिया का मतलब समझाए जादूगर
तुम कहते हो हर दम हँसता रहता है
आँसू पर पैवंद लगाए जादूगर
देख के उस को यूँ सारे ताली पीटे
ऊँचाई से जब गिर जाए जादूगर
बाक़ी तो पानी से आग बुझाते हैं
और पानी में आग लगाए जादूगर
सारे दर्ज़ी कपड़े काटा करते हैं
इंसाँ के टुकड़े कर जाए जादूगर
लोग यहाँ चिंगारी से डर जाते हैं
अपने मुँह से आग उड़ाए जादूगर
लिखना तो अल्फ़ाज़ की हेरा-फेरी है
ख़ुद को अब 'इरफ़ान' बताए जादूगर