Qaafiya Bazm-e-Adab

Mohabbat Ki Chaadar Kushada Karo Tum

Osama Siddiqui

मुहब्बत की चादर कुशादा करो तुम
नज़ाकत से उसको सभाला करो तुम

अगर हौसला हो निभाने का हर पल
तो ही ये मुहब्बत का दावा करो तुम

ज़रा सी जगह ही तो दिल में है मागी
कहा कब मैं सब से किनारा करो तुम

नहीं चाहता यूं ही अपना लो हम को
मेरी गर सुनो इस्तिखारा करो तुम

न हर मोड़ पर आज़माना उन्हें अब
जो हासिल है उस पे गुज़ारा करो तुम

 

मुहंदिस के दिल में भी चाहत बहुत है
सितमगर कभी तो भरोसा करो तुम

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