Qaafiya Bazm-e-Adab

Kaise Aayega Koi Khwaab Mujhe

Saif Dehlvi

कैसे आएगा कोई ख़्वाब मुझे
नींद आती नहीं जनाब मुझे

तेरी चुप से तिरी ख़मोशी से
मिल गया है मेरा जवाब मुझे

कुछ दिनों मैं शराब पीता रहा
और फिर पी गई शराब मुझे

तुम कहाँ हो मैं सबसे पूछता हूँ
कोई देता नहीं जवाब मुझे

 

सैफ़ वो बेवफ़ा जो भूल गया
याद आता है बे-हिसाब मुझे

🔗 Link copied!