क्या कुछ खोना बाक़ी है
इश्क़ जो होना बाक़ी है
मुझको पहले दिन से है
उसको होना बाक़ी है
उसके रूप के जादू का
जादू-टोना बाक़ी है
टूटे ख़ाबों ने बोला
सपने बोना बाक़ी है
ना जगता ना सोता हूँ
जगना-सोना बाक़ी है
तदबीरें सारी कर लीं
रोना-धोना बाक़ी है
चहरा धो डाला ' ऐफ़ी '
दिल को धोना बाक़ी है