Qaafiya Bazm-e-Adab

Ishq Jo Hona Baaqi Hai

Nirdesh Affy

क्या कुछ खोना बाक़ी है
इश्क़ जो होना बाक़ी है

मुझको पहले दिन से है
उसको होना बाक़ी है

उसके रूप के जादू का
जादू-टोना बाक़ी है

टूटे ख़ाबों ने बोला
सपने बोना बाक़ी है

ना जगता ना सोता हूँ
जगना-सोना बाक़ी है

तदबीरें सारी कर लीं
रोना-धोना बाक़ी है

चहरा धो डाला ' ऐफ़ी '
दिल को धोना बाक़ी है

🔗 Link copied!