हमसफ़र खुश जमाल है मेरा
कितना प्यारा ख्याल है मेरा
जैसे मछली हो दूर पानी से
बिन तुम्हारे ये हाल है मेरा
उन लोगों की ये लाली है यारों
इसलिए लाल गाल है मेरा
उसके बिन खुश मैं रह नहीं सकता
मुस्कुराना मुहाल है मेरा
आज वो क्यों उदास हैं अकबर
शायद उनको मलाल है मेरा