घर से बाहर तो निकलना होगा
तुम को साँपों को कुचलना होगा
जिनसे नुकसान चमन को पहुंचे
ऐसे माली को बदलना होगा
तुम तो हो ताज महल कि मानिंद
ऐसे महलो में टहलना होगा
गर तुम्हें शेर सा बनना है तो
खुदकी तारीख में चलना होगा
तुमको सूरज सी चमक पाने को
खुदको सूरज सा ही जलना होगा