Qaafiya Bazm-e-Adab

Duniya Se Uktaaye Log

Yashpal Singh

मुझसे मिलने आए लोग
दुनिया से उकताए लोग

पहले सबने ठुकराया
फिर मैंने ठुकराए लोग

उस दिन मुझसे ऊब गया वो
जिस दिन उसको भाए लोग

दो लोगों में उम्र कटी
अपने और पराए लोग

मन बहलाया चीज़ों से
दिल से नहीं लगाए लोग

घर की बातें घर तक थीं
घर में क्यूं बुलवाए लोग

 

लोगों ने ही लोग जलाए
लोगों ने दफ़नाए लोग

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