दुनिया अज़ाब में मैं इज़्तिराब में
बेशक नक़ाब में आओ तो ख़ाब में
अब देर मत करो आओ शबाब में
कितने सवाल हैं तेरे जवाब में
कीना, मुनाफ़रत शामिल निसाब में
ताख़ीर हो गई यौमे-हिसाब में
शैताँ का अक्स है ' ऐफ़ी ' शराब में