Qaafiya Bazm-e-Adab

Duniya Azaab Mein

Nirdesh Affy

दुनिया अज़ाब में
मैं इज़्तिराब में

बेशक नक़ाब में
आओ तो ख़ाब में

अब देर मत करो
आओ शबाब में

कितने सवाल हैं
तेरे जवाब में

कीना, मुनाफ़रत
शामिल निसाब में

ताख़ीर हो गई
यौमे-हिसाब में

शैताँ का अक्स है
' ऐफ़ी ' शराब में

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