Qaafiya Bazm-e-Adab

Dil Par Koi Ghaat Lagi Ho Muaf Karein

Yashpal Singh

दिल पर कोई घात लगी हो मुआफ़ करें
हमसे कोई भूल हुई हो मुआफ़ करें

पास हमारे जो कुछ था सब आपका था
फिर भी कोई कमी रही हो मुआफ़ करें

वैसे तो हम लहज़ा सादा रखते हैं
अनजाने में बात चुभी हो मुआफ़ करें

भटक गए हो तुम बेशक पर मुमकिन है
उसने बेहतर राह चुनी हो मुआफ़ करें

सोच यही थी सब अच्छा हो ख़ुश हो पर
शायद उसकी रज़ा यही हो मुआफ़ करें

इतनी अक्ल कहां है नफ़रत पाले हम
जाओ आपकी भैंस बड़ी हो मुआफ़ करें

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