Qaafiya Bazm-e-Adab

Aur Bhi Behtareen Hota Hai

Raj Vishawakarma

और भी बेहतरीन होता है
रिश्तों में जब यक़ीन होता है

जिसके चेहरे पे मुस्कुराहट हो
उसका हर दिन हसीन होता है

ना-समझ होता है वो उतना ही
जो भी जितना ज़हीन होता है

साँप पलते हैं इसमें भी कितने
दिल भी इक आस्तीन होता है

मैं अगर बोल भी दूँ ठीक हूँ मैं
माँ को थोड़ी यक़ीन होता है

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