Qaafiya Bazm-e-Adab

Aise Nazron Se Jadoo Kiya Na Karo

Sardar Ali Sayed

ऐसे नज़रों से जादू किया ना करो
अपने वश में हमें तुम लिया ना करो

जिन मरज़ की दवा इस जहां में नहीं
वो मरज़ तुम यूँ हमको दिया ना करो

अब तो हाज़िर हैं मेरी ये दस्तार भी
अब तो अश्कों को अपने पिया ना करो

मांग कर माफ़ी गलती दोबारा करे
ज़ख्म देना है फिर तो सिया ना करो

 

खौफ ऐसा कि दुश्मन से तुम जा मिले
ज़िन्दगी बुज़दिलों की जिया ना करो

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